दुनिया के खूबसूरत 5 शहर जहां गलियों में टैक्‍सी नहीं नावों से होता है घूमना-फिरना

दुनिया के खूबसूरत 5 शहर जहां गलियों में टैक्‍सी नहीं नावों होता है घूमना-फिरना

आपमें से ज्‍यादातर लोगों ने वेनिस के बारे में सुना होगा जहां नहरें रास्‍ते हैं और नावें ट्रांसर्पोट का माध्‍यम पर हम बता रहे यूरोप के ऐसे ही 5 और शहरों के बारे में।

यूट्रेक्ट

यूट्रेक्ट सेंट्रल नीदरलैंड का एक शहर है जो सदियों से एक धार्मिक केंद्र रहा है। इस मध्यकालीन आर्टीट्रेक्‍चर वाले शहर में नहरों का जाल है ईसाई स्मारक हैं और एक सम्मानित विश्वविद्यालय है। इसके साथ ही यहां मौजूद है 14 वीं शताब्दी बैल टॉवर जो सेंट्रल डॉमप्‍लेन स्‍क्‍वॉयर पर सेंट मार्टिन के गॉथिक कैथेड्रल के सामने खड़ा है। यहां का कैथरीजेंकोनवेंट संग्रहालय प्राचीन मठों में धार्मिक कला और कलाकृतियों की झलक दिखाता है।

एनीसी शहर

ऐनेसी दक्षिण-पूर्वी फ्रांस में एक अल्पाइन शहर है, जो अनानी थिउ नदी के किनारे एक झील पर बसा है। यह शहर अपनी पुरानी शैली के घरों के लिए जाना जाता है। यहां की पुरानी तरीके की घिसी हुई सी सड़कें, घुमावदार नहरें और पेस्‍टल रंगों वाले घर इसे एक अलग ही रूमानी झलक देते हैं। शहर की मध्ययुगीन शैटॉ डी एनैसी किसी समय में जिनेवा की काउंटेस का घर होती थी। इसमें एक संग्रहालय भी था जिसमें क्षेत्रीय कलाकृतियों के साथ अल्पाइन फर्नीचर और धार्मिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं।

ब्रुग्‍स

ब्रुगेस, पश्चिमोत्तर बेल्जियम में पश्चिम फ्लैंडर्स की राजधानी, इसकी नहर, cobbled सड़कों और मध्यकालीन इमारतों द्वारा प्रतिष्ठित है। इसका बंदरगाह, ज़ीब्रिगे, मछली पकड़ने और यूरोपीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। शहर के केंद्र के बर्ग स्क्वायर में, 14 वीं सदी के स्टैडियुस (सिटी हॉल) में एक अलंकृत नक्काशीदार छत है।

हैम्बर्ग

हैमबुर्ग जर्मनी का एक प्रमुख नगर एवं बन्दरगाह है। एक समय यह हैमबुर्ग राज्य की राजधानी था। यहाँ की भूमि बड़ी उपजाऊ है। राई, जौ, गेहूँ तथा आलू की अच्छी फसलें होती हैं। हैमबुर्ग नगर समुद्र से 120 किमी अंदर एल्वे नदी की उत्तरी शाखा पर बर्लिन से 285 किमी उत्तर पश्चिम में सपाट भूमि पर स्थित है। इस शहरों में नहरों का जाल बिछा हुआ है। इसके बीच से ऐल्सटर नदी भी बहती है जो इसे दो भागों में विभक्त करती है। छोटे भाग को बिनेन एल्सटर कहते हैं।

सेंट पीटर्सबर्ग

सेंट पीटर्सबर्ग की स्थापना नेवा नदी के तट पर वर्ष 1703 में हुई थी, जब रूस ने स्वीडन के साथ युद्ध में यह जमीन जीत ली थी। इसके 9 साल बाद रूसी साम्राज्य के ज़ार, पीटर महान ने इसे राजधानी बना दिया था और 1918 तक यह रूसी राजनीतिक सत्ता का केंद्र रहा। उसके बाद कम्युनिस्ट शासकों ने मॉस्को को राजधानी बना दिया। 1924 में सेंट पीटर्सबर्ग का नाम लेनिनग्राद कर दिया गया था। 1991 में इसे इसका पुराना नाम लौटा दिया गया। इसी वर्ष सोवियत संघ का पतन हुआ था। इस खूबसूरत शहर में भी नहरों का का प्रयोग मुख्‍य मार्गों की तरह होता है।

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