राम चरित मानस के अनुसार इन 4 स्त्रियों का अपमान करने वाला व्यक्ति हमेशा रहता है परेशान

बुरी सोच रखने वालों के साथ होता है कुछ ऐसा।

Related image

भारत में स्त्री को देवी का स्वरूप माना जाता है। यहां नारी को लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। अथर्ववेद में भी कहा गया है कि,

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया।

मतलब कि जहाँ स्त्रियों का आदर किया जाता है, वहाँ देवता निवास करते हैं। जहाँ इनका अनादर होता है, वहाँ सारे काम निष्फल होते हैं। बावजूद इसके समाज में महिलाओं की स्थिति ठीक नहीं है। आज इंसान ने बहुत तरक्की कर ली है। कुछ समझदार लोग सोशल मीडिया पर ‘फेमिनिस्म’ के झंडे भी लहरा रहे हैं, लेकिन फिर भी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में भ्रूण हत्या के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। महिलाओं को अभी भी परिवार पर बोझ और भोग की चीज के नजरिए से देखा जाता है।

राम चरित मानस की बात

राम चरित मानस की बात

 

वैसे तो हर नारी सम्मान की पात्र है। मगर तुलसीदास द्वारा रचित राम चरित मानस में चार स्त्रियों के सम्मान की बात को विशेष तौर पर उल्लेखित किया गया है। इसके मुताबिक जो भी व्यक्ति इन चार महिलाओं का अपमान करता है। इनके साथ दुराचार करता है। उसका जीवन हमेशा ही दरिद्रता और आर्थिक तंगी से गुजरता है।

आइए फिलहाल बात सबसे पहली महिला की।

1. घर की बहु

1. घर की बहु

घर की बहु को घर की लक्ष्मी माना जाता है। कहा जाता है कि बहु के प्रवेश के बाद घर में हर काम शुभ होता है। बहु अपना घर छोड़कर पराए घर आती है। ऐसे में उसके साथ आदर का भाव रखा जाना चाहिए। समझ गए न। अब यह बात दोस्तों के साथ साझा कर लेना।

बुरा करोगे तो बुरा ही होगा

बुरा करोगे तो बुरा ही होगा

ऐसा पुरुष जो घर की बहु का सम्मान नहीं करता। और तो और उसके लिए मन में बुरे विचार रखता है। वो कभी भी कहीं भी खुश नहीं रहता। जीवनभर परेशानियां उसके साथ जुड़ी रहती हैं।

आगे जानिए दूसरी महिला के बारे में।

 

2. बड़े भाई की पत्नी

2. बड़े भाई की पत्नी

बड़े भाई की पत्नी को शास्त्रों में माँ समान माना गया है। वहीं छोटे भाई की पत्नी को बेटी समान। इन दोनों का सम्मान करना हर व्यक्ति का कर्त्तव्य होता है। यदि कोई ऐसा नहीं करता है तो फिर नतीजा बुरा होना ही है।

आप खुद पढ़ लीजिए।

जानवर के समान

जानवर के समान

आपको बता दें कि जो भी पुरुष ऐसी महिलाओं के प्रति बुरी सोच रखते हैं, वो जानवरों के समान है। ऐसे कामों से केवल उनके पाप ही बढ़ते हैं।

3. बहन

3. बहन

भाई का कर्तव्य होता है बहन की रक्षा करना। उसकी खुशियों का ख्याल रखना। ऐसे में यदि कोई भाई ऐसा भी नहीं कर पाता है तो यह बात बेहद चिंताजनक है। कारण कि इसके परिणाम बहुत बुरे साबित हो सकते हैं। भाई-बहन का रिश्ता मजबूत बने इस मकसद से ही रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है।

ईश्वर भी नहीं करता माफ

ईश्वर भी नहीं करता माफ

ऐसा व्यक्ति जो अपनी बहन के साथ दुर्व्यवहार करता है। उसकी भावनाओं का सम्मान नहीं करता है। ऐसे व्यक्ति को तो भगवान भी माफ नहीं करते। आज ही से प्रण कर लीजिए कि बहन को किसी भी हाल में दुखी नहीं करना है। अपने दोस्तों को भी बता देना यह बात।

फिलहाल बात अगली महिला की।

4. घर की बेटी

4. घर की बेटी

घर की बेटी सम्मान और प्यार की हकदार होती है। ऐसा नहीं है कि व्यक्ति को सिर्फ खुद की बेटी का ही सम्मान करना चाहिए बल्कि भाई, बहन या घर की कोई भी बेटी का सम्मान व्यक्ति को करना ही चाहिए। याद रखिएगा।

नहीं रह पाता खुश

नहीं रह पाता खुश

ऐसा व्यक्ति जो घर की बेटी पर बुरी नजर रखता है। उसके साथ मारपीट करता है। वह कभी भी खुश नहीं रहता है। ऐसे व्यक्ति से खुशियां और लक्ष्मी दोनों ही दूर भागती हैं। आप जान लीजिए कि प्रकृति ने सिर्फ स्त्री को ही जन्म देने का अधिकार दिया है। यह बात साबित करने के लिए पर्याप्त है कि दुनिया में महिलाओं का महत्व कितना है। ऐसे में हमेशा स्त्री का सम्मान कीजिए। दूसरों को भी बताइए।

Via

Shares