ऑफिस में दोस्ती करियर के लिए फायदेमंद, पर सीमा और सावधानियां जरूरी

कहा जाता है कि सच्चे दोस्त किसी संपत्ति से कम नहीं होते। लेकिन ऑफिस में दोस्ती करते वक्त कुछ सतर्क रहने की जरूरत होती है। हालांकि ‘
फ्रेंडशिफ्ट्स: द पावर ऑफ फ्रेंडशिप एंड हाउ इट शेप्स अवर लाइव्स‘ पुस्तक के लेखक डॉ. जैन यागर कहते हैं कि ऑफिस की दोस्ती आपके करियर के लिए बेहद प्रभावी हो सकती है। ऑफिस में आपका दोस्त कंपनी के दूसरे कार्यों के बारे में आपको जानकारी देने के साथ-साथ आपके काम का फीडबैक भी दे सकता है। काम तो आपको खुद ही करना होगा, लेकिन ऑफिस का दोस्त काम के तनाव को जरूर कम कर देगा। इससे आपकी क्रिएटिविटी तो बनी ही रहेगी, प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी। इसके बावजूद ऑफिस की दोस्ती के कुछ खतरे भी होते हैं।

काम होता है प्रभावित
ज्यादा दोस्ती निभाने से ऑफिस का माहौल भी बिगड़ सकता है। ऑफिस में आप काम करने जाते हैं न कि दोस्ती निभाने। आपके अधिक दोस्ताना व्यवहार दूसरे कर्मचारियों को कार्य करने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में ऑफिस में दोस्ती जरूर करें, लेकिन ऑफिस के नियमों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
दोस्ताना व्यवहार सबके साथ
ऑफिस में दोस्ती की कुछ सीमाएं होती हैं, जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए। बाहर के दोस्तों के साथ आप बेशक बिंदास व्यवहार कर सकते हैं, लेकिन ऑफिस में कुछ औपचारिकताओं का भी ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका व्यवहार दूसरे सहकर्मियों को दिक्कत में डाल सकता है। इससे आपकी छवि भी नकारात्मक हो सकती है।

दोस्ती करने में कोई बुराई नहीं, लेकिन जब मामला ऑफिस का हो, तो इन बातों का रखें ध्यान:

1. दोस्ती और दोस्ताना व्यवहार दोनों अलग चीजें हैं। ऑफिस में दोस्ताना व्यवहार आप सबके साथ रखें, लेकिन इसका दोस्ती से घालमेल न करें।
2. आप अपने बॉस के साथ भी मित्रवत व्यवहार कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि बॉस से ज्यादा करीबी आपके सहकर्मियों को खटकने न लगे। ऑफिस में अपने काम की जिम्मेदारी स्वयं लें। दोस्तों या फिर सहकर्मियों पर निर्भरता न बढ़ने दें।
3. अगर आपको लगे कि आपके दोस्त की वजह से आपको काम से समझौता करना पड़ रहा है, तो उससे बात करें और खुद को ऐसे मामलों से दूर रखें।

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